Wednesday, 22 February 2012

कब्बड्डी खिलाडी का हुआ जोरदार स्वागत


काम्बोज,अनेजा इन्द्री
कब्बड्डी टुर्नामेंट जीतने वाली भारत की टीम के सदस्य रहे गांव बीबीपुर जाट्टान के खिलाडी साहिल चहल का गांव पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। इस टुर्नामेंट का आयोजन मलेशिया में आयोजित किया गया था। साहिल अपने कोच के साथ गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने उन्हे फूल मालाओं से लाद दिया साथ   ही ढोल की थाप पर नाचकर खुशी जाहिर की। इस मौके पर पहुंचे कांग्रेस नेता अमीचंद कांबोज ने भी स्वागत समारोह में हिस्सा लिया। इस जीत से साहिल के गांव सहित पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। 

कब्बड्डी के अंतराष्ट्रीय कोच सतबीर शर्मा ने बताया कि मलेशिया में अंतराष्ट्रीय कब्बड्डी टूर्नामेंट का आयोजन हुआ था जिसमें इंद्री क्षेत्र के बीबीपुर गांव के खिलाडी साहिल चहल ने उमदा प्रदर्शन किया। उनके उमदा प्रदर्शन के बल पर भारत की टीम ने इस टूर्नामेंट में पहला स्थान हासिल किया। गांव में समाजसेवी  रहे चतरसिंह पांचाल ने बताया कि कब्बड्डी टूर्नामेंट का आयोजन किया जाएगा जिसमें अंतराष्ट्रीय खिलाडी भाग लेगें। इस मौके पर पहुंंचे कांग्रेस के पूर्व जिला उपाध्यक्ष अमीचंद कांबोज ने भी गांव पहुंचकर बधाई दी साथ ही खेल में किसी भी स्तर  पर आ रही दिक्कत में सहयोग करने की बात कही। उन्होंने कहा कि इन्द्री हलके में कबड्डी व वालीबाल खेल के प्रति युवाओं का रुझान बढ़ रहा है। खेलों के प्रति युवाओं का बढ़ रहा रुझान सरकार की खेल नीति का परिणाम है। सरकार ने खिलाडिय़ों को अनेक प्रोत्साहन देकर खेलों के प्रति युवाओं को प्रेरित किया है। इस अवसर पर सतबीर चहल, चतर सिंह पांचाल, अशोक कुमार, अमित इंद्रगढ, समे सिंह सहित काफी ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया। 

व्यक्ति के जीवन को बचाने के लिए रक्तदान बहुत जरूरी है: कासनी


विजय काम्बोज इन्द्री 
किसी भी व्यक्ति के जीवन को बचाने के लिए रक्तदान बहुत जरूरी है। रक्तदान वह परम्परा है जिसका निर्वाह सामाजिक और नैतिक मूल्यों को दर्शता है इसलिए सभी स्वस्थ लोगों विशेष युवाओं को रक्तदान अवश्य करना चाहिए। यह आहवान उपायुक्त श्रीमती नीलम पी. कासनी ने स्थानीय शहीद उधम सिंह राजकीय महाविद्यालय में जिला रैड क्रास द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर में रक्तदाताओं को सम्बोधित करते हुए किया। 
श्रीमती कासनी ने कहा कि बदलते परिवेश जहां एक ओर सुविधाएं बढ़ी है यातायात के साधन भी बढ़े है वहीं दूसरी ओर दुर्घटनाओं में भी वृद्धि हुई है लेकिन रक्तदाताओं की भी कमी नहीं है। समाज में हर व्यक्ति को चाहिए कि वे यातायात के नियमों का पालन करें ताकि दुर्घटनाओं में अपेक्षाकृत कमी लाई जा सके। देश में दुर्घटना सम्बन्धी आंकडों का जिक्र  करते हुए उपायुक्त ने बताया कि हर छ: मिनट में दुर्घटनाओं के चलते एक व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है जबकि हर चार मिनट में एक व्यक्ति किसी ना किसी हादसे का शिकार हो जाता है। ऐसी दुर्घटनाओं में घायल व्यक्ति की जान बचाने के लिए रक्तदान बहुत जरूरी है। 
उन्होंने कहा कि रक्त सुरक्षित रखने के लिए समुचित व्यवस्था होना जरूरी है इस संदर्भ में बल्ड बैकों को समय-समय पर निर्देश भी जारी किये जाते है । एक युनिट रक्त से चार कम्पोनेट प्रयोग में लाएं जाते है जिनमें रक्त, आरबीसी, प्लाजमा और प्लैटलेट शामिल है। उपायुक्त ने यह भी कहा कि रक्तदान से स्वस्थ्य पर किसी भी प्रकार का विपरित प्रभाव नहीं पडता है क्योंकि पूरी तरह जांच के बाद ही रक्त लिया जाता है।
उपायुक्त ने कहा कि लड़कियां भी रक्तदान के लिए आगे आए चुकि समाज के तानेबाने को संरक्षित रखने के लिए युवतियां भी किसी से पीछे नहीं है। उन्होंने इस मौके पर यह भी कहा कि लडकियों में लडकों की अपेक्षा रक्त की कमी पाई जाती है। हालाकि बदलते परिवेश में लडकियों के साथ होने वाले भेदभाव में कमी आई है । सभी लडकियों का पालन पोषण समान ढग़ से क रते है लेकिन कुछ दकियानूसी सोच के लोग आज भी लड़कियों से भेदभाव करते है जो कतई ठीक नहीं है ऐसे लोगों को अन्य से सीख लेकर अपनी सोच में परिर्वतन करने की जरूरत है। उन्होंने सभी रक्तदाताओं को बैज लगाया तथा प्रशस्ति पत्र भी दिया। इस मौके पर स्कूल के प्राचार्य एसके गुप्ता, 46 बार रक्तदान कर चुके रैड क्र ास के जिला प्रक्षिण अधिकारी मेहर सिंह, समन्वयक डाक्टर पुनम बागी, डीएसपी गुरदयाल सिंह, कृ ष्ण कुमार, नवीन बत्तरा, डाक्टर हंसराज, रणबीर सिंह, मनोज गौतम,सुरेन्द्र ढि़ंलो, निधी शर्मा, नुतन,  सहित समाज सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
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इन्द्री 
राष्ट्रीय सेवा योजना शिक्षा के साथ-साथ एक ऐसी महत्वपूर्ण  कड़ी है जो मानसिक और वैचारिक स्तर पर आगे बढऩे और निर्धारित लक्ष्य को पाने में अहम भूमिका अदा करती है । इसलिए युवाओं को शिक्षा के साथ-साथ अन्य सेवा की गतिविधियों में भी भाग लेते रहना चाहिए। यह अभिव्यक्ति उपायुक्त श्रीमती नीलम पी. कासनी ने एक सप्ताह से शहीद उधम सिंह राजकीय महाविद्यालय में चल रहे राष्ट्रीय सेवा योजना के शिविर के समापन अवसर पर उपस्थित प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए व्यक्त की।
श्रीमती कासनी ने कहा कि समाज को एकता के सुत्र में बांधे रखने तथा सभ्य समाज की संरचना में बेहतर योगदान के लिए एनएसएस के शिविर न केवल समाज व राष्ट्र के प्रति अपने उत्तरदायित्व का निर्वाह करने में मदद करते है बल्कि जब  इस प्रकार के कैम्पों में विद्यार्थी अन्य स्थानों पर जाते है। वहां एक दूसरे की संस्कृति, रहन-सहन, आचार व्यवहार सहित अन्य सामाजिक गतिविधियों को समझने का मौका भी मिलता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मंचों के माध्यम से युवा समाज के लोगों को जागरूक करने के लिए आगे आए। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा के साथ-साथ  समाज और देश सेवा के ऐसे मंच देश के भविष्य को और मजबुत बनाने का काम करते है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी सेवा की ऐसी गतिविधियों में बढ़-चढ़ कर भाग ले। इस मौके  पर कालेज के प्राचार्य एसके गुप्ता ने बताया कि राष्ट्र स्तर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत आयोजित शिविर में समुचे हरियाणा प्रदेश से चार लडकों ने भाग लिया था जिनमें से दो  शहीद उधम सिंह राजकीय महाविद्यालय के छात्र थे। इस मौके पर स्कूल के प्राचार्य एसके गुप्ता, रैड क्र ास के जिला प्रक्षिण अधिकारी मेहर सिंह, समन्वयक डाक्टर पुनम बागी, डीएसपी गुरदयाल सिंह, कृ ष्ण कुमार, नवीन बत्तरा, डाक्टर हंसराज, रणबीर सिंह, मनोज गौतम,सुरेन्द्र ढि़ंलो, निधी शर्मा, नुतन,  सहित समाज सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

Haryana din raat





Friday, 10 February 2012

शहरों की तरफ बढ़ रहे रुझान पर जताई चिंता।

  विजय कम्बोज इन्द्री
कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग के पूर्व चेयरमैन प्रो. विनय कुमार अस्थाना ने कहा कि गांव के लोगों का शहरों की तरफ बढ़ रहे रूझान से शहरों व गांवों में एक असंतुलन की स्थितियां बन गई हैं।  इसे दूर करने के प्रयास करने की जरूरत है। वे स्थानीय शहीद उधम सिह राजकीय महाविधालय में आयोजित सेमिनार में संबोधित कर रहे थे। बढ़ रहे शहरीकरण विषय पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर पूर्व मंत्री भीम सेन मेहता ने शिरकत कर संबोधित किया। सेमिनार हरियाणा दिल्ली और कुछ अन्य शहरी क्षेत्रों में हुए सर्वे पर आधारित था। महाविद्यालय के प्रिसींपल डॉ. एसके गुप्ता ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया । मुख्यअतिथि ने दीप प्रज्जवलित  कर कार्यक्रम की शुरूआत की। उसके बाद सरस्वती वदंना की गई । सेमिनार को महाविधालय के भुगोल विभाग द्वारा आयोजित किया गया ।

                    विनय कुमार अस्थाना ने भारत में बढ़ रहे शहरीकरण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि शहरी करण विकास के लिए जरूरी भी है , इसे बंद नहीं जा सकता वहीं इससे पैदा होने वाली समस्याओं का निदान करना जरूरी है । युवा वर्ग गंाव की बजाए शहर में रहना ज्यादा पसंद करते हैं । गांवों से शहरों की तरफ पलायन बढऩे से शहरों में  समस्याएं बढऩे लगी हैं। इस असंत़ुलन को रोकने के लिए सरकार द्वारा काफी प्रयास किए जाने जरूरी हैं। इस असंतुलन को दूर करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जरूरी सुविधाएं मुहैया करवानी होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में नए उधोग स्थपित करके रोजगार के नए अवसर पैदा करने होगें। भारत सरकार द्वारा पर नियंत्रण करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के लिए कईं  स्कीमों को लागू किया गया है । जिसमें मनरेगा मुख्य रूप में शामिल है इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार द्वारा रोजगार के अवसर प्रदान किए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाली पैदावार जैसे फल फूल सब्जियों से संबंधित उद्योग धंधे लगा कर ग्रामीण युवाओ को रोजगार के मौके प्रदान कि ए जा सकते हैं । कुछ आधुनिक सुविधाएं देकर ग्रामीण क्षेत्रों से हो रहे पलायन को रोकने में सफलता हासिल की जा सकती है ।


           प्रो. एमएल हसन ने कहा कि इस रुझान से पैदा हुई समस्याओं पर ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाएं देकर काबू पाया जा सकता है। इस अवसर पर कई अन्य शिक्षविदों ने अपने विचार रखें । सेमिनार में मुख्य वक्ता के रूप में कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय के भुगोल विज्ञान के पूर्व चेयरमैन प्रो. विनय कुमार अस्थाना, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के प्रो. एमएलहसन , डॉ.आईजे नागपाल , प्रो एसके मेहला सहित कईं शिक्षाविदों ने भाग लिया । इस मौके पर कॉलेज के डॉ. नवीन बतरा, डॉ. निधी शर्मा, डॉ.रमेश कुमार धीमान, डॉ.राजपाल,डॉ. रणबीर सिह, मैडम बलजिन्द्र कौर , जितेन्द्र कुमार, मैडम पूनम, मैडम मधुलिका, डॉ. सुरेश कुमार, विकास सहित काफी सख्यां में अन्य कॉलेजों से आये अन्य प्रो. मौजूद थे।

पढ़ाई के क्षेत्र में संघर्ष करने से मिलेगी सफलता: डागर


 जैनपुर साधान गांव में स्थित चौ. भरत सिंह स्कूल में एसडीएम प्रदीप डागर ने कन्या भू्रण हत्या विषय पर आयोजित कार्यक्रम मे शिरकता कर किया संबोधित।
सुरेश अनेजा इन्द्री
जैनपुर साधान गांव स्थित चौ. भरत सिंह सीनियर सैकेंडरी स्कूल में कन्या भ्रूण हत्या विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर एसडीएम प्रदीप डागर व तहसीलदार महिंद्र सांगवान ने शिरकत कर संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल चेयरमैन साहब सिंह ने की। कार्यकम में प्रिंसीपल राकेश कांबोज व डायरेक्टर नरेंद्र सिंह ने भी संबोधित किया। 
 
एसडीएम प्रदीप डागर ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ खड़े होने की जरूरत है। कन्या भ्रूण हत्या महापाप है। लड़कियां भी किसी क्षेत्र में लडक़ों से पीछे नहीं हैं। बच्चों की सोच बदलनी पड़ेगी। उनका ध्यान समाज की तरफ दिलाने की आवश्कता है। डागर ने कहा कि पढ़ाई के साथ ही खेलों में भी विद्यार्थियों को ध्यान देने की जरूरत है। व्यायाम करना चाहिए, इससे शरीर तंदरूस्त रहेगा। लड़कियों के लिए फोर्स में भर्ती होने के मौके भी हैं। लड़कियों को मेहनत व लगन से बुलंदियों को छूृना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को भाषण देने में एक्सपर्ट होना चाहिए। इससे आत्मविश्वास बढ़ेगा। पढ़ाई के क्षेत्र में संघर्ष करना जरूरी है। पढ़ाई कोई मुश्किल काम नहीं है। उन्होंने स्कूल का निरीक्षण कर स्कूल प्रशासन व अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि स्कूल अनुशासन का बच्चों को आगे बढ़ाने में अहम योगदान होता है। कार्यक्रम में डायरेक्टर नरेन्द्र सिंह ने गांवों की गलियों व सडक़ों के किनारे बांधे गए पशुओं के बारे में शिकायत की। क्योंकि रास्तों से स्कूली बसें निकलने में इससे दिक्कतें होती हैं। 
कार्यक्रम में बीएओ राजिंद्र तौमर, एडीओ राकेश अग्रवाल, अनेजा सिटी हार्ट स्कूल प्रिंसीपल विजय अनेजा, सर्व विद्या स्कूल प्रिंसीपल मनोज गौतम व थाना प्रभारी मौजूद रहे।

                                                                        

Thursday, 9 February 2012

शांतिभूषण सीडी मामले में आपराधिक केस दर्ज

नई दिल्‍ली
चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी के अध्‍यक्ष मुलायम सिंह यादव को दिल्ली पुलिस का नोटिस मिल सकता है.| दिल्‍ली पुलिस ने मुलायम, अमर सिंह और शांति भूषण के बीच बातचीत की कथित सीडी के मामले में जांच के लिए आपराधिक साजिश का केस दर्ज किया है| खबर है कि पुलिस तीनों को पूछताछ के लिए नोटिस भेजने वाली है. शांतिभूषण ने सीडी को फर्जी और दिल्ली पुलिस ने असली बताया है|
ग़ौरतलब है कि पिछले साल अप्रैल में पूर्व कानून मंत्री और सुप्रीम कोर्ट के वकील शांति भूषण और समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव के बीच बातचीत की एक सीडी सामने आई थी, जिसमें कथित तौर पर एक जज को रिश्वत देने की बात कही गई थी|
समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता अमर सिंह दोनों के बीच बातचीत का ज़रिया बने हैं. शांति भूषण ने अप्रैल में दिल्ली पुलिस से शिकायत की थी कि यह सीडी फर्ज़ी है और उन्हें बदनाम करने की साज़िश रची गई है|.दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सीडी की तीन जगहों पर जांच कराई है. पहले सीएफएसएल लोधी रोड की रिपोर्ट में सीडी को सही बताया गया था|
बाद में चंडीगढ़ लैब की रिपोर्ट ने इस सीडी को ग़लत माना. लेकिन दिल्ली की सीआईआरटी ने इस विवादित सीडी को सही मानते हुए आवाज़ को सही बताया है|.शांतिभूषण देश के पूर्व क़ानून मंत्री रह चुके हैं और वरिष्ठ वक़ील प्रशांत भूषण के पिता हैं जो भ्रष्टाचार के खिलाफ़ अन्ना हज़ारे की मुहिम में शामिल हैं|.पुलिस की जांच रिपोर्ट के मुताबिक़, इस मामले में अमर सिंह से पूछताछ की गई तो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि शांतिभूषण से मुलायम सिंह की बातचीत उन्होंने अपने घर के टेलीफोन से कराई थी और उस समय वहां यूपी के तत्कालीन एडवोकेट जनरल वीरेंद्र भाटिया भी मौज़ूद थे|. अब सबसे बडा सवाल यही है कि इस फोन को टेप किसने किया और सीडी में बातचीत की सच्चाई का राज़ आख़िर क्या है?

Monday, 6 February 2012

37 साल से प्रधानमन्त्री इंदिरा की घोषणा नहीं चढ़ पाई सिरे

  • देश का पहला सर्वोच वीरता पुरस्कार हासिल करने वाली सरस्वती आज भी झेल रही है जिन्दगी का सबसे बड़ा दंश 
  • करनाल (अनिल लाम्बा) 
  •                     कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी भले ही देश की गरीब जनता को लुभाने के लिए उनकी झोपडिय़ों में रात गुजारते हो या फिर उनकी थाली में खाना खाते हो। मगर सच्चाई यह है कि गांधी परिवार को गरीबो के वोट लेने की आदत तो है। मगर गरीब का भला करने की फितरत कतई नहीं है। राहुल गांधी की दादी ने बतौर प्रधानमंत्री रहते हुए 1973 में जिस 15 साल की आपाहिज लडक़ी को देश का पहला सवोच्च वीरता पुरस्कार से नवाजा था। वह 37 साल बाद भी स्व: प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी की घोषणा की मोहताज है। कांग्रेस राज में यदि एक प्रधानमंत्री की घोषणा ही गोल हो जाएं तो सोचा जा सकता है कि गांधी परिवार देश के बाकि गरीब लोगों के लिए क्या सेवा भाव रखता होगा। मध्यप्रदेश के होसंगाबाद जिले में स्थित एक कार्यालय के पास बनी झोपड़ पट्टी नुमा मकान में रहने वाली 15 वर्षीय सरस्वती ने आई भीषण बाढ़ में 150 लोगों की जिन्दगी बचाई थी। उसने अपनी जान को खतरे में डालकर एक छोटी सी नाव के सहारे नर्मदा की लहरो से लड़ते हुए लगातार 9 घंटे तक लोगों की जिन्दगी बचाने में लगी रही। राहत कार्यो में जूटे सेना के जवानों ने सरस्वती के इस साहस को कैमरे में कैद कर लिया। नन्ही सरस्वती के जज्बे को देखकर तत्कालीन प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी भी बड़ी प्रभावित हुई। उन्होंने सरस्वती को देश का पहला सर्वोच्च वीरता पुरस्कार दिया था। यही नहीं उसका उपनाम साहसी भी रखा गया।इस मौके पर तत्कालीन प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी ने सरस्वती को आजीवन पैंशन, जिन्दगी भर मुफ्त रेल यात्रा, खेती के लिए 10 एकड़ भूमि तथा रहने के लिए मकान बनाकर देने की घोषणा की थी।
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  • सरस्वती आज 51 साल की हो गई है। लेकिन इन 37 सालों में न जाने कितने अधिकारी होसंगाबाद में आए। मुख्यमंत्री भी आए लेकिन किसी ने भी इन्दिरा गांधी की घोषणा को सिरे नहीं चढ़ाया। यही नहीं सरस्वती के हक में घोषणा करने वाली तत्कालीन प्रधानमंत्री भी अपनी घोषणा को भूल गई और उन्होंने मुडकर सरस्वती की ओर नहीं देखा। पिछले कई सालो से सरस्वती इन घोषणाओं को हासिल करने के लिए कलेक्टरो के दरवाजे के आगे नाक तक रगट चुकी है। लेकिन किसी ने भी उस पर रहम नहीं किया। सरस्वती को मकान के लिए जो प्लाट दिया गया था। वहां अब नगर निगम ने सडक़ बना दी है। साहसी सरस्वती नाम पर एक फिल्म बनाई गई थी। जिसे दूरदर्शन पर दिखाया गया। यही नहीं इस फिल्म का प्रचार भी किया गया। लेकिन सरस्वती की हालत आज भी जस की तस बनी हुई है। आज भी सरस्वती के पास देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी का भेजा गया पत्र पड़ा है। जिस पर यह लिखा है कि सरस्वती सारे देश को तुम पर गर्व है।इन्दिरा गांधी की घोषणा को सिरे नहीं37 साल से प्रधानमंत्री इन्दिरा की घोषणा नहीं चढ़ पाई सिरे देश का पहला सर्वोच्च वीरता पुरस्कार हासिल करने वाली सरस्वती आज भी झेल रही है जिन्दगी का सबसे बड़ा दंश स्व: इन्दिरा गांधी ने की थी आजीवन पैंशन, मुक्त रेल यात्रा, रहने के लिए मकान और 10 एकड़ जमीन देने की घोषणा |सरस्वती आज 51 साल की हो गई,लेकिन इन 37 सालो में ना जाने कितने अधिकारी होसनगाबाद में आए मुख्यमंत्री भी आए लेकिन किसी ने भी इंदिरा  गाँधी की घोषणा को सिरे नहीं चढाया |यही नहीं सरस्वती के हक़ में घोषणा करने वाली तत्कालीन प्रधानमंत्री भी  अपनी घोषणा को भूल गई और उन्होंने मुड कर सरस्वती की और नहीं  देखा|पिछले कई सालो  से  सरस्वती इन घोषनाओ को हासिल करने के लिए कलेक्टरों के  आगे नाक रगड चुकी है |लेकिन किसी ने भी उस पर रहम नहीं किया |सरस्वती को मकान के लिए जो प्लाट दिया गया था वहा पर अब नगर निगम ने सड़क बना दी है|साहसी सरस्वती पर फिल्म भी बनाई गई थी जिसको दूरदर्शन पर दिखाया  गया था |लेकिन सरस्वती की हालत आज जस की तस बनी हई है |आज भी सरस्वती  के पास तत्कालीन प्रधानमन्त्री इंदिरा गाँधी भेजा गया पत्र पड़ा है |जिस यह लिखा है की सरस्वती सारे देश को तुम पर गर्व है लेकिन जो घोषनाये इंदिरा गाँधी ने की थी वह सरवती को आज तक नहीं मिली |इसे देश का दुर्भाग्य ही समझा जायेगा की एक प्रधानमन्त्री के द्वारा की गई घोषणा उड़न छू हो गई |