Monday, 5 December 2011

रतिया के लोगों को एक जुझारू विधायक मिला है:राजेन्द्र

दीपक पांचाल असन्ध
        बहादुरगढ़ से विधायक राजेन्द्र जून ने कहा कि कार्यकर्ता किसी भी राजनैतिक पार्टी के लिए आक्सीजन का काम करते हैं। जो नेता कार्यकर्ताओं का मान सम्मान नही करता उसे राजनिति में आने का कोई हक नही है।
     राजेन्द्र जून असन्ध के गांव कुड़लन में जून गोत्र के लोगों द्वारा आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह में बोल रहे थे। उन्होने कहा कि किसी भी दल का व्यक्ति लोगों को बहकाकर कुछ देर के लिए तो चुनाव जीत सकता है लेकिन जनता उसी को सर आँखों पर बैठाती है जो किसी एक जाति,वर्ग यां समाज का न होकर निस्वार्थ भाव से पूरी जनता के विकास के लिए कार्य करे। उन्होने कहा कि रतियां विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी की जीत से जंहा मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के हाथ मजबूत हुए हैं वहीं रतिया के लोगों को एक जुझारू विधायक मिला है। उन्होने आशा व्यक्त की कि नवनिर्वाचित विधायक आम जनता के दुख दर्द को समझ इलाके के विकास के लिए कार्य करेंगे। इससे पूर्व गांव कुड़लन में पंहुचने पर ब्लाक समिति चेयरमैन जयवीर जून,राजेश जून,मास्टर रणधीर सहित अन्य ग्रामीणों ने फूल मालाओं,गदा व पगड़ी भेंट कर विधायक का स्वागत किया। विधायक के साथ बहादुरगढ़ नगर परिषद व जिला परिषद सहित कांग्रेस पार्टी के सौ के करीब कार्यकर्ता भी कुड़लन गांव में आए।
इस अवसर पर केके मलिक,आजाद राठी,युवराज छिल्लर,राजेश जून,जयवीर जून,राममेहर,जयवीर जून,बलविन्द्र,भीम सिंह,जोगी राम,सुनील सिंधड़,रघुबीर सरपंच,तेजबीर,महेन्द्र जून,राममेहर सरपंच सहित अन्य ग्रामीण मौजुद थे।

जनता ने कांग्रेस पार्टी पर भरोसा जताया है तो कांग्रेस भी जनता के अहसान चुकाएगी।

 इन्द्री
रतिया की जनता ने कांग्रेस उम्मीदवार को भारी मतों से विजय दिलाकर  साबित कर दिया है कि हरियाणा में जनकल्याणकारी सरकार काम कर रही है और प्रदेश की जनता विकास को प्राथमिकता देती है। यह बात पूर्व जिला उपाध्यक्ष अमी चन्द काम्बोज  ने रतिया से कांग्रेस प्रत्याशी जरनैल सिंह की जीत के बाद अपने फार्म हाउस पर कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कही। इस अवसर पर मिठाई बांट  कर खुशी का इजहार किया।
उन्होनें  ने कहा कि विपक्षी दलों ने रतिया  हलके का 29 साल तक प्रतिनिधित्व किया लेकिन इस हलके की कभी भी विधानसभा में मांग नहीं उठाई। फिर भी उन्होंने इस हलके का खुद को प्रतिनिधि मानते हुए क्षेत्र के लोगों के विकास के लिए अनेक योजनाएं दी। अब जबकि रतिया विधानसभा की जनता ने कांग्रेस पार्टी पर भरोसा जताया है तो कांग्रेस भी जनता के अहसान चुकाएगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का हाथ क्षेत्र की जनता ने थामा है, कांग्रेस भी उनकी उम्मीद पर खरा उतरेगी।  उन्होंने कहा कि जरनैल सिंह  क्षेत्र का विकास करेंगे और शिक्षा, स्वास्थ्य, सडक़, रोजगार की दिशा में भी आने वाले दिनों में मजबूती के साथ काम किया जाएगा।

 रतिया उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी की जमानत जब्त होना दर्शाता है कि आदमपुर से बाहर हजकां-भाजपा संयुक्त गठबंधन का कोई अस्तित्व नहीं है। जहां तक इनेलो का संबंध है इसका जनाधार गिर चुका है। विशेष बात यह है कि गरीब वर्ग, दलित हो या पिछड़ा वर्ग उन्होंने इनेलो को पूर्णतया नक्कारा है और कांग्रेस में अपनी आस्था जताई है जिसका प्रमाण यह है कि रतिया में इनेलो ने अपनी जीती हुई सीट बुरी तरह से खोई है।
आदमपुर उपचुनाव बारे उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस न सिर्फ तीसरे नंबर पर रही थी अपितु इसने जमानत भी खोई थी और जमानत बचाने के लिए अतिरिक्त इसे चार हजार वोटे चाहिएं थीं, लेकिन इस चुनाव में आदमपुर में जहां कांगेस की वोटें दोगुनी हुई हैं वहां लोकदल-हजकां दोनों की वोटें पहले की तुलना में घटी हैं, विशेषकर बीसी,एससी लोगों ने दोबारा कांग्रेस का दामन थामा है। अगर हम वहां लगातार मेहनत करें तो आगामी चुनाव में कांग्रेस वहां विजयी होना निश्चित है।  हल्का आदमपुर शुरू से ही भजनलाल परिवार के कब्जे में रहा है, मुद्दत के बाद रतिया कांग्रेस ने जीता है, लोगों ने भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में अपनी आस्था जताई है। 

निरक्षरता को दूर करने के लिए किया सर्वेक्षण

घरौंडा:(प्रवीन/तेजबीर)
    डा. अम्बेडकर युवा मंडल एवं साक्षर भारत मिशन के तत्वाधान में गांव रायपूर जाटान में साक्षरता दर बढ़ाने के लिए सर्वेक्षण किया गया। इस सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षा संबंधित विभिन्न आंकड़े प्राप्त करना है। ताकि भविष्य में निरक्षरता को दूर करने के लिए उचित प्रबंध किए जा सके। डा. अम्बेडकर युवा मंडल के अध्यक्ष संजय मसानी ने ग्रामीणो से उचित एवं सही जानकारी देने का आह्वान करते हुए कहा कि संरक्षक को मिली सही जानकारी निरक्षर ग्रामीणों के लिए लाभप्रद होगी। सर्वेक्षण से उन्हे निरक्षरता ही नही अपितु सही ग्रामीण जनसंख्या, लिंग अनुपात और वोट संख्या की जानकारी भी प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि इस दौरान मंडल के सदस्य घर-घर जाकर सर्वे करेंगे और सही आंकड़े एकत्रित करने के बाद निरक्षर लोगों के लिए गांव में ही उचित शिक्षा की व्यवस्था की जाएगी।
    साक्षरता मिशन के सदस्य जसबीर सिंह चौहान ने कहा कि यह सर्वेक्षण निरक्षर लोगों की जानकारी हेतू अतिआवश्यक है। सर्वेक्षण के बाद जल्द ही कक्षाएं शुरू की जाएगी।
    इस मौके पर संरक्षक राहुल, रवि राठी, रवि ठाकुर, अजय, संजय कश्यप, श्यामलाल आदि सदस्य मौजूद रहे।
  

Thursday, 1 December 2011

पुलिस-भीड़ की झड़प में दो की मौत, 16 घायल

कोलकाता
पश्चिम बंगाल के 24 परगना में पुलिस फायरिंग में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 16 लोग घायल हो गए |.बताया जाता है कि बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ एक अभियान के दौरान पुलिस और गांववालों के बीच हिंसक झड़प हो गई. हालांकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि फायरिंग के लिए स्‍थानीय लोग जिम्मेदार नहीं है |.
खबर के मुताबिक दक्षिण 24 परगना जिले में पुलिस भीड़ से भिड़ गई, जिसमें एक महिला और 14 साल की लड़की की मौत हो गई|.
इस घटना में सात-आठ पुलिसवालों को मिलाकर घायलों की तादाद 16 के आसपास है, जिन्हें कोलकाता नेशनल मेंडिकल कॉलेज और डायमंड हार्बर अस्पताल में दाखिल करवाया गया है.| बताया जाता है कि मंदिर बाजार इलाके मे बिजली चोरी की शिकायत पर बिजली विभाग के कर्मचारी अवैध कनेक्शन काटने गए थे कि तभी गांववालों से उनकी तकरार हो गई और देखते ही देखते मारपीट और पत्थरबाजी शुरू हो गई | भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस ने हवाई फायरिंग भी की. आरोप है कि दो लोगों की मौत पुलिस की फायरिंग में ही हुई|.
एक प्रत्‍यक्षदर्शी के मुताबिक, 'पुलिसवाले हमारे गांव में दाखिल हुए और किसी चेतावनी के बिना लाठी चार्ज शुरू कर दिया. कुछ ही देर में लोगों ने पथराव शुरू कर दिया. इसके बाद पुलिस की फायरिंग में दो लोगों की जान चली गई और कुछ लोग घायल हुए.|
पुलिस का दावा है कि स्थानीय लोगों ने बमों से उन पर हमला किया था. इलाके में अब आरएएफ तैनात कर दी गई है.|
मामले की जांच के आदेश देते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्थानीय लोगों को इस घटना का जिम्मेदार मानने से इनकार किया है.|
ममता बनर्जी के मुताबिक, 'वो लोग (स्थानीय) इसके लिए जिम्मेदार नहीं है और अगर जांच के बाद इसमें पुलिसवालों या बिजली विभाग के कर्मचारियों का हाथ पाया गया तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी |

जहरीले लड्डू खिलाने वाली दुल्‍हन गिरफ्तार

मेरठ
एक दुल्‍हन को अपने ससुराल के लोगों को जहरीले लड्डू खिलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. फिलहाल ससुराल के छह लोग अस्‍पातल में भर्ती हैं और दुल्‍हन हवालात में बंद है. मामला उत्‍तर प्रदेश के मेरठ का है.| खबर के मुताबिक 25 नवंबर को आमिर की शादी मेरठ के खड़ौली की रहने वाली आमना के साथ हुई थी. |
आरोप है कि दुल्हन को ससुराल छोड़ने की ऐसी जल्दी थी कि उसने पति समेत ससुराल के छह लोगों को जहरीले लड्डू खिला दिए. इससे ससुरालवालों की तबीयत ऐसी बिगड़ी कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा.| आमिर के परिवार का आरोप है कि आमना किसी और से शादी करना चाहती थी. लेकिन घरवालों के दबाव में उसने आमिर से शादी कर ली.| मेरठ पुलिस ने केस दर्ज कर आमना को हिरासत में ले लिया है.| हालांकि पुलिस तफ्तीश की बात कह रही है, लेकिन पंचायत ने आमना के परिवार पर 1.5 लाख रुपये का जुर्माना ठोक दिया है.

किराना में विदेशी निवेश के खिलाफ भारत बंद आज

नई दिल्‍ली: 
किराना कारोबार में विदेशी निवेश के खिलाफ आज भारत बंद है. यह बंद तो व्यापारियों ने बुलाया है, लेकिन विपक्ष की कई पार्टियों ने इसे अपना समर्थन दिया है| सरकार ने सोचा भी नहीं होगा कि किराना कारोबार में विदेशी कंपनियों को आने की दावत लेकर उसकी रातों की नींद उड़ जाएगी.| दरअसल, एक हफ्ते से संसद ठप है, देश के कोने-कोने में एफडीआई के विरोध में पुतले जलाए जा रहे हैं और नारे लगाए जा रहे हैं.| अब तो हालात यहां तक पहुंच गए कि भारत बंद हो गया है. किराना कारोबार में विदेशी कंपनियों के आने के विरोध में 'कन्‍फडिरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स' ने भारत बंद किया है.| सिर्फ दिल्ली में ही पांच लाख व्यापारी आज व्यापार नहीं, प्रदर्शन कर रहे हैं. यहां के तमाम बड़े बाजारों में आज कारोबार ठप है.| बंद के तहत सदर बाजार, कमला मार्केट, चावड़ी बाजार, कनॉट प्लेस, करोलबाग, पहाड़गंज, प्रीत विहार, विकास मार्ग जैसे बड़े बाजारों में कारोबार नहीं हो रहा है.|
यही नहीं, मुंबई, लखनऊ, इंदौर, जयपुर और कोलकाता समेत पूरे भारत के व्‍यापार किराना कारोबार में एफडीआई के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं. | जगह-जगह व्‍यापारी प्रदर्शन कर पुतले फूंक रहे हैं और सरकार विरोधी नारे लगा रहे हैं|. दरअसल, व्यापारियों को आज के कारोबार की नहीं, कारोबार के भविष्य की फिक्र है. | बंद व्यापारियों ने बुलाया है, लेकिन राजनीतिक पार्टियों के समर्थन देने से असर बड़ा हो सकता है.|   मायावती की पार्टी बीएसपी ने बंद को समर्थन दिया है. वे पहली मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने किराना कारोबार में विदेशी कंपनियों को यूपी में न घुसने देने का ऐलान किया था. |
मायावती ने कहा, 'जब तक मैं राज्‍य की मुख्‍यमंत्री हूं तब तक राज्‍य में विदेशी किराना दुकानों को घुसने नहीं दूंगी.'|
भारत बंद को मुलायम सिंह यादव की समाजवादी पार्टी ने भी समर्थन दिया है. समाजवादी पार्टी छोटे व्यापारियों के हितों को लेकर एफडीआई का विरोध कर रही है. |
बीजेपी वो पार्टी है जिसने 2004 में एफडीआई का चुनावी वादा किया था, लेकिन अब यूपीए सरकार ने विदेशी कंपनियों को दावत दी तो बीजेपी को अखर रहा है.|
बीजेपी भी भारत बंद का समर्थन कर रही है. पार्टी की नेता उमा भारती भी बता चुकी हैं कि वॉलमार्ट आया तो वो उसके साथ क्या करेंगी | उमा भारती के मुताबिक, 'अगर वॉलमार्ट कंपनी ने कहीं भी अपना शो रूम खोला तो मैं अपने हाथ से उसे आग लगा दूंगी और फिर जेल जाने को भी तैयार हूं.'| लेफ्ट ने भी सोचा था कि 2006 में विदेशी कंपनियों को बंगाल की समृद्धि के लिए आने का मौका दिया जाए, लेकिन आज पांच साल बाद विदेशी कंपनियों का स्वागत करने के लिए वो भी तैयार नहीं है. इसलिए उसने भी भारत बंद का समर्थन किया है.|
ग़ौरतलब है कि पिछले हफ्ते कैबिनेट ने सिंगल ब्रांड रिटेल क्षेत्र में मौजूदा 51 फीसदी विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाकर 100 फीसदी कर दी थी, जबकि मल्टी ब्रांड रिटेल सेक्टर में 51 फीसदी एफडीआई को मंजूर किया गया था.|

ओबीसी कोटे में पिछड़े मुसलमानों को मिले आरक्षण: खुर्शीद

नई दिल्ली: 
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों को नज़दीक देख मुस्लिम वोटरों को लुभाने की कवायद शुरू हो गई है. केंद्र में कांग्रेस की नेतृत्व वाली सरकार ने नया दांव चलते हुए पिछड़े मुसलमानों को आरक्षण देने की बात कही है.
केंद्रीय कानून मंत्री सलमान ख़ुर्शीद ने गुरुवार को कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी को मिल रहे आरक्षण के भीतर ही मुसलमानों के लिए अलग से एक निश्चित कोटा तय करने पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है|
उन्होंने कहा, "ओबीसी को मिल रहे 27 फीसदी आरक्षण के भीतर ही पिछड़े मुसलमानों को नौकरी और शिक्षा में आरक्षण दिया जाएगा."
हालांकि खुर्शीद का कहना था कि ओबीसी आरक्षण के भीतर कितना फीसदी हिस्सा पिछड़े मुसलमानों के लिए सुनिश्चित किया जाए इसका फैसला बाद में किया जाएगा|
याद रहे कि ओबीसी कोटे में पिछड़े वर्ग के मुस्लिम भी शामिल हैं. सरकार के इस फैसले से सिर्फ यह फर्क होगा कि इसी सत्ताईस फीसदी में पिछड़े वर्ग के मुस्लिमों का कोटा अलग से तय हो जाएगा|
विरोध
वामपंथी पार्टी और समाजवादी पार्टी ने सरकार की इस घोषणा की आलोचना की है|
सपा नेता आजम खान ने कहा कि कांग्रेस का यह चुनावी हथकंडा है और मुसलमानों को उनका पूरा हक मिलना चाहिए, जबकि वामपंथी पार्टी का कहना है कि सरकार को जल्दबाज़ी में कोई फैसला नहीं लेना चाहिए.
इससे पहले मंगलवार को उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने प्रधानमंत्री को पत्र लिख जनसंख्या के आधार पर मुस्लिम आरक्षण की मांग की थी|
ग़ौरतलब है कि कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल में पहले ही मुस्लिम को पिछड़ा वर्ग मानकर सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में अलग से आरक्षण दिया जा रहा है|